हे पारस !
तुझमें गुणों का अभाव न था ।
स्वर्ण तेरा स्पर्श ..
पर लोहा मेंरा स्वभाव न था ।।
हे पारस !
तुझमें गुणों का अभाव न था ।
स्वर्ण तेरा स्पर्श ..
पर लोहा मेंरा स्वभाव न था ।।
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